भारत में लॉन्च हुआ यूपीआई आधारित गूगल तेज़ ऐप

0
36

गूगल तेज़ ऐप देश में यूपीआई आधारित नया मोबाइल पेमेंट ऐप है। गूगल तेज़ के जरिए यूटिलिटी बिल, मूवी टिकट बुक करने के अलावा कई दूसरे ऑनलाइन भुगतान किए जा सकते हैं। गूगल का इरादा अपनी गूगल तेज़ डिजिटल पेमेंट सर्विस के साथ प्रतिद्वंदी अमेज़न और फेसबुक को चुनौती देने की है। गूगल तेज़ एक पेमेंट ऐप है और यह एंड्राइड व आईओएस पर उपलब्ध है। यूपीआई एक पेमेंट्स प्रोटोकॉल है जिसे सरकारी संस्थान एनपीसीआई द्वारा संचालित किया जाता है।

यूपीआई के साथ आने वाला गूगल का तेज़ ऐप विभिन्न स्थानीय भाषाओं जैसे हिंदी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, तमिल और तेलगू सपोर्ट करता है। ऐप का इंटरफेस बेहद आसान है। कंपनी यूज़र से अपना बैंक अकाउंट नंबर डालने और उसे वेरिफाई करने के लिए कहता है। तेज़ ऐप के इंटफेस के जरिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से एक टेक्स्ट मैसेज भेज कर आप आसानी से बैंक अकाउंट वेरिफाई करा सकते हैं। एक बार वेरिफाई होने पर, गूगल यूज़र से एक यूपीआई पिन डालने को कहता है और इसके बाद आप भुगतान कर सकते हैं। इसके साथ ही यूज़र ऐप में देख सकते हैं कि उनके कौन से दोस्त तेज़ का इस्तेमाल कर रहे हैं और फिर पैसे का लेनदेन कर सकते हैं। ख़ास बात है कि गूगल तेज़ ‘कैश मोड’ विकल्प में आपके पास मौज़ूद यूज़र को पहचानने के लिए  “audio” ट्रांसमिट होता है और बाद में यूज़र के उपलब्ध होने पर आप पैसे भेज और मंगा सकते हैं। कंपनी ने बैकेंड प्रोसेसिंग के लिए एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी की है।

गूगल ने तेज़ के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई लोकप्रिय सर्विस के साथ साझेदारी की है। गूगल ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि रेडबस, पीवीआर सिनेमा, डोमिनोज़ पिज़्ज़ा, डिश टीवी और जेट एयरवेज़ लॉन्च पार्टनर हैं। कंपनी ने इसके साथ ही “Tez Scratch Cards” भी मुहैया कराया है और दी गई जानकारी से पता चलता है कि यूज़र को आकर्षित करने के लिए इसके जरिए डील और वाउचर मिलेंगे। गूगल का कहना है कि तेज़ ऐप के जरिए होने वाले सभी ट्रांज़ेक्शन को तेज़ शील्ड के द्वारा सुरक्षित किया जाता है ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी, हैकिंग और फर्जीवाड़े से बचा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here