पुरानी पेंशन काे लेकर कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों ने निकला जुलूस

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राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली अभियान संगठन से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षकों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। सभी ने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। तहसीलदार के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।रविवार को इंटरमीडिएट कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली अभियान संगठन का प्रांतीय सम्मेलन हुआ। इसका शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष डॉ.रविंदर सिंह, जिला अध्यक्ष रावेंद्र सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से किया। प्रदेश अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने कहा कि पेंशन कर्मचारी का एक संवैधानिक अधिकर है। इससे कोई भी सरकार कार्मचारी को वंचित नहीं रख सकती। उनका कहना था कि वर्ष 2004 के बाद नियुक्त केंद्र और राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार ने नई पेंशन व्यवस्था लागू कर दी। इससे इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.रविंदर सिंह ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था शेयर बाजार पर आधारित है। इससे अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। कहा- कितनी विडंबना है कि विधायकों और सांसदों की मात्र एक दिन नियुक्ति पर भी उनकी पेंशन बन जाती है। जबकि सरकारी कर्मचारी 30 से 35 साल सेवा के बाद भी पेंशन का हकदार नहीं है। इसके बाद कर्मचारियों ने नगर जुलूस निकाला और तहसील पहुंचे। यहां तहसीलदार केपी सिंह के जरिए सीएम को ज्ञापन भेज देकर मांग पूरी करने की बात कही। प्रांतीय सम्मेलन के दौरान शिक्षक कर्मचारियों ने आगामी 28 अक्तूबर को सांसद के आवास पर उपवास पर बैठने और 26 नवंबर को संविधान दिवस के दिन संसद का घेराव करने का निर्णय लिया गया। यहां माध्यमिक शिक्षक संघ प्रदेश कोषाध्यक्ष एलडी पंतोला, जिलाध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा, मुकेश रतूड़ी, हुकुम सिंह नयाल, जितेंद्र सिंह, रंजना, कल्पना, पारूल वर्मा, ज्योति पांडे, रश्मि, सीता शर्मा, मधुरिमा, जसप्रीत, परमजीत, एसपी सिंह, रोहित, विवेक, हेमंत, सतेंद्र कुमार, मनोज कुमार, रमेश पांडे, अशोक कुमार शर्मा आदि बड़ी संख्या में शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे।

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